वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभः।
निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥
✨ हिंदी में अर्थ:
हे वक्रतुण्ड (सूँड वाले), विशाल शरीर वाले और करोड़ों सूर्यों के समान तेजस्वी प्रभु गणेश,
कृपया मेरे सभी कार्यों को सदा बिना किसी विघ्न के संपन्न करें।
यह श्लोक श्री गणेश जी को समर्पित है, जो सभी विघ्नों को हरने वाले देवता माने जाते हैं। नए कार्य की शुरुआत में इनका स्मरण सफलता, शुभता और सकारात्मक ऊर्जा लाने के लिए किया जाता है।
